क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल नैचरल क्युर फ़ोर हॉर्ट अटैक एंड कोलेस्टेरोल – Vinners Healthcare
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क्लियर हार्ट लिक्विड  + क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल 

भारतीय युवाओं में तेजी से बढ़ रही है हार्ट अटैक की समस्या !!!

भारतीय युवाओं में हृदयाघात (हार्ट-अटैक) की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है और 2030 तक सबसे अधिक मौत हृदय रोग के कारण ही होग़ा । दिल के दौरे का संबंध सबसे पहले बढ़ती उम्र के साथ माना जाता था। लेकिन अब अधिकतर लोग उम्र के तीसरे और चौथे दशक के दौरान ही दिल की बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। आधुनिक जीवन के बढ़ते तनाव ने युवाओं में दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ा दिया है। हालांकि आनुवांशिक और पारिवारिक इतिहास अब भी सबसे आम और अनियंत्रित जोखिम कारक बना हुआ है, लेकिन युवा पीढ़ी में अधिकतर हृदय रोग का कारण अत्यधिक तनाव और लगातार लंबे समय तक काम करने के साथ-साथ अनियमित नींद है। धूम्रपान और आराम तलब जीवनशैली भी 30 से 40 साल के आयु वर्ग के लोगों में हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा रही है।

हार्ट ब्लॉवकेज के लक्षण

हार्ट ब्लॉवकेज होने के लक्षण की बात करें तो यह इस पर निर्भर करता है कि आपको किस डिग्री की ब्लॉ्केज हैं। फर्स्ट डिग्री हार्ट ब्लॉसकेज का कोई खास लक्षण नहीं होता। सेकेंड डिग्री और थर्ड डिग्री हार्ट ब्लॉ केज में दिल की धड़कनें निश्चित समय अंतराल पर न होकर रूक-रूक कर होती है। इस तरह की हार्ट ब्लॉलकेज के अन्य लक्षण चक्कर आने या बेहोश हो जाना, सिर में दर्द रहना, थोड़ा काम करने पर थकान महसूस होना, छोटी सांस आना, सीने में दर्द रहना आदि है। इनमें से कोई लक्षण आपको अन्य किसी बीमारी के होने पर भी हो सकता है।

सभी हृदय रोगियों में एक जैसे लक्षण नहीं होते

बदलती जीवनशैली और टेंशन ने दिल की बीमारियों का खतरा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया है। पहले माना जाता था कि वैसे लोग जो मोटापे के शिकार हैं, ज्यादा तला भुना और चिकनाई वाला खाना खाते हैं और शराब का ज्यादा सेवन करते हैं उन्हें ही दिल की बीमारी होती है, लेकिन अब 30-40 साल के युवा भी दिल की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, और इसका छाती का दर्द सबसे आम लक्षण नहीं है, कुछ लोगों को अपच की तरह असहज महसूस हो सकता है और कुछ मामलों में गंभीर दर्द, भारीपन या जकड़न महसूस हो सकता है। आमतौर पर दर्द छाती के बीच में महसूस होता है, जो बाहों, गर्दन, जबड़े और यहां तक कि पेट तक फैलता है, और साथ ही धड़कन का बढ़ना और सांस लेने में समस्या होती है। धमनियां पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती हैं, तो दिल का दौरा पड़ सकता है, जो हृदय की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है। दिल के दौरे में होने वाले दर्द में पसीना आना, चक्कर आना, जी मचलना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं

क्या होती है हार्ट हार्ट ब्लॉकेज ?

जैसा की हमें मालूम है कि एक स्वस्थ दिल सामान्य रूप से एक मिनट में 60-100 बार धड़कता है। यह धड़कन हृदय की मांसपेशियों के सिकुड़ने के कारण होती है जिससे पूरे शरीर में ब्लड का बेरोक-टोक प्रवाह होता है। लेकिन जब यह मांसपेशियों के सिकुड़ने और फैलने में रुकावट आती है तब इस स्थिति को हार्ट ब्लॉकेज कहा जाता है। इसके कारण हृदय की धड़कन में रुकावट आने लगती है और हार्ट-बीट कम होकर मिस होने लगती है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि हार्ट ब्लॉकेज से हृदय के सामान्य काम-काज में रुकावट आने लगती है। 

क्यों होती है हार्ट हार्ट ब्लॉकेज ?

सामान्य रूप से जब हृदय की धमनियों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL)जमा होने लगता है तब आर्टरी में ब्लड का फ़्लो बाधित हो जाता है। इस कोलेस्ट्रॉल के बनने और जमा होने का कारण शरीर में ज़रूरत से अधिक चिकनाई या वसा (Fat) का जमा होना माना जाता है। जमे हुए इस रक्त के थक्कों को प्लाक्स कहा जाता है जो अगर आर्टरी में जम कर सख्त होने पर हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। इसके अलावा इन प्लक्स के जमने का कारण होते हैं :

  1. जीवनशैली में से व्यायाम के समय का कम हो जाना;

  2. खान-पान में अत्याधिक चिकनाई वाले भोजन का शामिल होना;

  3. अत्याधिक मदिरापान और धूम्रपान

  4. मानसिक तनाव में ज़रूरत से ज्यादा वृद्धि होना

कैसे पहचानें हार्ट ब्लॉकेज ?

  • छाती के बाएँ हिस्से में अचानक हल्का या तेज़ दर्द होना जो कभी-कभी कोहनी के ऊपर, कंधे या जबड़े तक फैल सकता है
  • छाती में आगे के हिस्से या पीछे के हिस्से या दोनों जगह तेज़ दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी होना
  • उल्टी जैसा महसूस होना, चक्कर आना और बहुत बैचेनी होना
  • अत्याधिक पसीना आना या फिर बेहोशी आना
  •  

बाई-पास या एंजियोप्लास्टी के बाद हार्ट ब्लॉवकेज

अगर आपने बाई पास या एंजियोप्लास्टी करवा रखी हैं तब भी आप को हार्ट ब्लॉवकेज हो सकता हैं। क्योंकि एंजियोप्लास्टी करवाने के बाद स्टंट के आस पास अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रोल जमना शुरू हो जाता हैं और थोड़े समय के बाद दोबारा एंजियोप्लास्टी या बाई-पास करवाना पड़ सकता है

हार्ट अटैक, ह्रदय घात या दिल का दौरा

हार्ट अटैक, ह्रदय घात या दिल का दौरा, इन तीनों शब्द का मतलब एक ही है। दिल का दौरा किसे और कब आ जाए यह कोई नहीं जानता। इसका कोई निश्चित समय नहीं होता है। कभी-कभी तो इसका कोई संकेत भी नहीं मिल पाता है। दरअसल, शरीर में खून पहुंचाने के लिए दिल किसी पंप की तरह काम करता है, और इस पंप को चालू रखने के लिए दिल तक खून पहुंचाने वाली रक्त वाहिका को ही कोरोनरी ऑरटरी कहा जाता है। ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि वे कोरोनरी ऑरटरीज डिजीज (सीएडी) से पीड़ित हैं। सीएडी पीड़ित लोगों को या तो सांस लेने में परेशानी होती है या फिर पैर और टखनों में सूजन आ जाती है। और एक समय ऐसा आता है जब दिल से जुड़ी उनकी ऑरटरी पूरी तरह से काम करना बंद कर देती है और तभी दिल का दौरा पड़ता है।

हार्ट ब्लॉजकेज का आयुर्वेदिक इलाज

आधुनिक समय में न केवल भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व ने आयुर्वेद के उपचार को अधिक सुरक्षित और उपयोगी मान लिया है। हार्ट ब्लॉकेज का आयुर्वेदिक उपचार भी इसी प्रकार सरल और बिना किसी प्रकार के साइड इफेक्ट के होता है। इसके लिए घर में आसानी से उपलब्ध होने वाली विभिन्न चीजें जैसे अदरक, लहसुन, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर, शहद और अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली आदि के प्रयोग से सरलता से बिना किसी ट्रीटमेंट के ही हार्ट ब्लॉकेज को खोला जा सकता है। ये आयुर्वेदिक औषधि हार्ट ब्लॉकेज को खोलने ओर एल.डी.एल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, को कम करने में मदद करता है, यह सभी चीज़ें ब्लड में फैली अम्लीयता को दूर करके उसमें जमे प्लाक्स को दूर करने का काम करती हैं। आयुर्वेद में हार्ट ब्लॉजकेज ओर कोलेस्ट्रॉल का सुरक्षित इलाज बिना साइडइफ़ेक्ट के बहुत सरल व प्रभावी है

 

आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट के साथ स्वस्थ दिल बनाए रखें,

नैचरल क्युर फ़ोर हार्ट ब्लॉकेज, हॉर्ट अटैक एंड कोलेस्टेरोल

आयुर्वेद के दो बेहतरीन योग एक साथ

आयुर्वेदिक क्लियर-हार्ट लिक्विड लहसुन, अदरक, निबु, ऐपल साइडर विनेगर ओर शहद का शुद्ध मिश्रण है।

आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली से बना है।

क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल प्राकृतिक ब्लड थिनर के रूप में कार्य करता है जो हार्ट-ब्लॉकेज, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, वैरिकाज-वेंस, और रक्त वाहिकाओं के प्रवाह में रुकावटों को दूर करने में मदद करता है एवं शरीर (बॉडी) को डिटॉक्सीफाई कर कई प्रकार की बीमारियों से बचाव में मदद करता है क्लियर-हार्ट लिक्विड ओर क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  हृदय में रक्त की पंपिंग को बढ़ाता है, हृदय में ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाता है, ब्लड को पतला करता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है व यूरिक एसिड, एसिडिटी, एनीमिया, शुगर लेवल कम करने में और सीने में दर्द सहित कई सारी बीमारियों से बचाव करता हैं 

क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  का हार्ट ब्लॉकेज में उपचार और अन्य लाभ

  • क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  ब्लड की हेल्थ और क्वालिटी को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं।

  • हृदय के साथ सम्पूर्ण शरीर के स्वास्थ्य में सुधार आता है।

  • शरीर की इमम्युनिटी सिस्टम मजबूत होती है जिससे शरीर को विभिन्न प्रकार के इन्फेक्शन का सामना करने की ताकत मिल जाती है।

  • हृदय की धमनियों में जमे प्लाक्स को हटा कर ब्लड के फ़्लो को नियमित करता है।

  • हृदय रोग के होने वाले संभावित सभी कारणों को रोकने में मदद मिलती है;

  • इसके सभी तत्व और सामग्री हृदय में नयी ऊर्जा और शक्ति का संचार करती हैं;

  • रक्त को शुद्ध करके उसमें उत्पन्न अम्लीयता को दूर करता है;

  • इसके सेवन से ब्लडप्रेशर सामान्य हो जाता है और इससे जुड़ी सभी परेशानियों के कम हो जाने की भी संभावना हो जाती है;

  • रक्त में जमा हुआ बैड कोलेस्ट्रॉल सरलता से दूर हो जाता है जिससे बंद आर्टरी के खुलने की पूरी संभावना बन जाती है

  • शरीर के अन्य रोग जैसे जोड़ों का दर्द, मोटापा, सर्दी-बुखार, सिर दर्द के साथ अपच जैसी परेशानियों को भी क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  का सेवन दूर कर सकता है।

क्लियर हार्ट इंडिया का बेस्ट हार्ट टॉनिक क्यों है

आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट 100 प्रतिशत प्राकृतिक और शुद्ध जड़ी बूटियों के साथ तैयार किया जाता है, यह 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दिल से जुड़ी किसी भी समस्या से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा, दिल से संबंधित समस्याओं के पारिवारिक इतिहास वाले लोग इस पर भरोसा कर सकते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सभी प्रकार की दिल की परेशानियों से सुरक्षित रहे। आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट के उपयोग से 45-60 दिनों के भीतर बेहतर परिणामों मिलने शुरू हो जाते है।

क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल का सेवन करने वाले ग्राहकों की एक बड़ी संख्या ब्रांड में अपना विश्वास रखते है और लगभग 90 प्रतिशत उपयोग करने वाले उन सभी लोगो के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, और हृदय की सभी समस्याओं में लाभकारी सिद्ध हुआ हैं। आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट में किसी भी तरह का केमिकल, प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाया जाता है आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट पूरी तरह से प्राकृतिक है।

आयुर्वेद में हार्ट ब्लॉकेज का उपचार:

आधुनिक समय में न केवल भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व ने आयुर्वेद के उपचार को अधिक सुरक्शित और उपयोगी मान लिया है। हार्ट ब्लॉकेज का आयुर्वेदिक उपचार भी इसी प्रकार सरल और बिना किसी प्रकार के साइड इफेक्ट के होता है। क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल से बिना किसी ट्रीटमेंट के ही हार्ट ब्लॉकेज को खोला जा सकता है। यह सभी चीज़ें ब्लड में फैली अम्लीयता को दूर करके उसमें जमे प्लाक्स को दूर करने का काम करती हैं। परिणामस्वरूप हार्ट ब्लॉकेज का कारण मानी जाने वाली बंद आर्टिरिज खुल जाती हैं।

 

क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल का कैसे इस्तेमाल करे ?

अपने शरीर को स्वस्थ और हार्ट को तंदुरुस्त रखने के लिए क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  को बिना किसी डर के लें सकते हैं।

हार्ट ब्लॉकेज, कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेसर की समस्या के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट आधा गिलास कुनकुने गरम पानी लें और इसमें दो चम्मच (20 एमएल) क्लियर हार्ट लिक्विड मिलाएं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। सुनिश्चित करें कि आप अगले आधे घंटे तक कुछ भी सेवन न करें. और सुबह के नाश्ते के बाद 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल और शाम को 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लें.। यह १००% साइड इफ़ेक्ट रहित मेडिसिन है अच्छे परिणाम के लिए 6 महीने नियमित लें।

हार्ट ब्लॉकेज से रोकथाम इलाज से बेहतर है।

35 वर्ष से ऊपर प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में 3 माह क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लेना चाहिए जिससे शारीरिक ताकत बनी रहे एवं शरीर में उपस्थित अनावश्यक विषैले पदार्थो बाहर निकल जाये|

Customer Reviews

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24 Months from date of manufacturing. Store in a cool, dry and dark place away from moisture and direct sunlight. Seal lock pouch after every use. Best consumed within 45 days of opening

1. क्या क्लियर हार्ट से मुझे फायदा होगा?

जी हाँ, बिल्कुल, इसके सेवन से न केवल आपको फायदा होगा, बल्कि प्रत्येक उस व्यक्ति को फायदा होगा जो इसे सुबह खाली पेट लेने की आदत बना लेगा। क्लियर हार्ट लिक्विड उन सभी प्राकृतिकवस्तुओं से मिलकर बना है जो सदियों से अपने लाभकारी गुणों के जरिये आपके हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए जानी जाती हैं और उन सभी बीमारियो व परेशानियों को दूर रखने में समर्थ होती हैं जो उम्र के बढ़ने के साथ ही आपको परेशान कर सकती हैं।

2. क्लियर हार्ट का सेवन किसे करना चाहिए?

वो सभी जो अपने हृदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं, इसका सेवन कर सकते हैं। विशेषकर तब तो जरूर जब आपकी उम्र 40 वर्ष या इससे अधिक की हो तब उम्र के साथ होने वाली सभी बीमारियों को शरीर से दूर रखने के लिए और उन सभी को जो हृदय की ठीक न हो सकने वाली परेशानियों से ग्रस्त हैं वो भी क्लियर हार्ट के सेवन के जरिये उन्हें सरलता से ठीक करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा, क्लियर हार्ट, आजकल की बदली हुई जीवनशैली जैसे तनाव पूर्ण वातावरण, पौष्टिक भोजन के सेवन न करने, लगातार जंक फूड लेने के कारण होने वाली बीमारियों में भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। प्राकृतिक होने के कारण क्लियर हार्ट का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है और हर प्रकार के साइड इफेक्ट से भी मुक्त है।

3. मैं एक बोतल का कब तक उपयोग कर सकता हूँ?

क्लियर हार्ट लिक्विड की 450 मिली की बोतल अगर आप बताई गई मात्रा अथार्थ प्रतिदिन 2 बड़े चम्मच को गरम पानी में मिलाकर लेते हैं तब यह आराम से 22 दिन तक इस्तेमाल की जा सकती है। क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल की बोतल को आप 22 दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. मुझे अच्छे परिणाम लेने के लिए कब तक इसे लेना होगा?

क्लियर हार्ट को लेने वाले अधिकतर ग्राहक इस बात से संतुष्ट होकर कहते हैं कि उन्हें एक / दो माह के अंत तक संतोषजनक परिणाम देखने को मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त, यह एक सप्लिमेंट है अच्छे परिणाम के लिए 6 महीने नियमित लें। इसका सेवन वे एक अच्छी आदत के रूप में अपनी नियमित डाइट के साथ जारी रख सकते हैं। अंतिम परिणाम के रूप में इसके सेवन के बाद एक स्वस्थ हृदय और शरीर को प्राप्त करना हो सकता है

5. मैं क्लियर हार्ट लिक्विड को कैसे खरीद सकता हूँ?

सामान्य रूप से क्लियर हार्ट लिक्विड और कैप्सूल्स महाराष्ट्र के सभी प्रसिद्ध और बड़े बाज़ार, बड़े कैमिस्ट और आयुर्वेदिक स्टोर में सरलता से मिल जाते हैं। इसके अलावा सभी वो वेबसाइट जो हेल्थ संबंधी प्रोडक्ट बेचती हैं वो भी हमारे प्रोडक्ट को अपने पास लिस्टिड रखती हैं। फिर भी बिना किसी परेशानी के अपने घर बैठे इसे लेने के लिए पूरे भारत में कहीं भी मँगवाने के लिए

How to use?

1. क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल का कैसे इस्तेमाल करे ??।

हार्ट ब्लॉकेज, कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेसर की समस्या के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट आधा गिलास कुनकुने गरम पानी लें और इसमें दो चम्मच (20 एमएल) क्लियर हार्ट लिक्विड मिलाएं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। सुनिश्चित करें कि आप अगले आधे घंटे तक कुछ भी सेवन न करें. और सुबह के नाश्ते के बाद 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल और शाम को 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लें.। यह १००% साइड इफ़ेक्ट रहित मेडिसिन है।

Why Clear-Heart Liquid is effective

Clear-Heart Liquid and capsules effective because his quality
of ingredients.  

The naturally selected ingredients and there Benefits
1. Garlic: An age proven miracle ingredient in most of the Ayurvedic
medicines, Garlic is a perfect cure, widely aimed at heart-related
problems. It is known for its therapeutic and curative benefits. Many
people have used and suggested the intake of garlic in the daily diet, as it
naturally keeps the blood pressure levels steady. Apart from these, garlic
is known to be specifically working against many blood and heart-related
troubles. Ajoene and Allicin are special enzymes in garlic that are known
to have an anti-clotting and blood thinning property. Garlic is naturally
efficient against cholesterol and helps in enhanced cardiovascular activity.


2.   Ginger: referred to as the cardio tonic agent by scientists, it possesses
the ability to increase the production of energy in the heart and enhances
the pumping mechanism of the heart. It is essential for the effective output
of the heart. It is known to strengthen the heart and prevent all kinds of
cardiovascular diseases, cancer, arthritis, and blood clots. On a long run,
with regular intake of ginger, one can experience a better heart health and
blood purification. Just like garlic, Ginger too possess antibacterial,
antifungal, antiseptic properties, and is widely used as an Analgesic. As an
anti-inflammatory, it also promotes sweating, reduces hypertension, surges
blood flow, and soothes peripheral blood vessels.


3.  Lemon: the best cure for all kinds of problems right from dermatology to
liver-related diseases, lemon is known to regulate the functioning of the
heart and maintains a regular heartbeat. The main credit of such uses is
attributed to the presence of magnesium in lemon. Arrhythmia, is a health
condition that describes the irregular beating of the heart. Magnesium is
essential to maintain the regularity of the heartbeat. Lemon is the
powerhouse of most essential minerals for the proper functioning of the
body. With a high content of potassium, as high as 146 mg in each lemon,
it is important for creating muscles. Heart is a muscle that needs utmost
care for its proper working seamlessly throughout a lifetime. Potassium is
essential for the proper functioning of all cells. Maintaining a healthy blood vessel, potassium conducts electricity throughout the body, thereby
keeping the entire nervous system efficient.


4.  Apple cider vinegar: widely used to detoxify the body, it helps in the
cleansing mechanism of the liver, blood, heart, skin, and evens the bladder
and kidneys. It also boosts the immunity and keeps the blood sugar and
cholesterol under check. It possesses various minerals, vitamins, and
enzymes essential for the proper working of the body.


5.  Honey: scientifically Honey helps to reduce the risk of heart diseases
and cholesterol levels. Honey has lower triglycerides which aid in the
increase of blood flow to the heart. It is known to energize the body and
come as a whole package of vitamins, potassium, calcium.